बेटी पैदा हुई तो पति ने सुनाई पत्नी को मौत की सजा, बोला- हॉस्पिटल से घर आ जिंदा नहीं छोडूंगा

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दोस्तों आज के जमाने में बेटे और बेटियों में अंतर नहीं रह गया है। जो काम लड़के कर सकते हैं आज वही काम लड़कियां भी कर रही हैं। जीवन के हर क्षेत्र में लड़कियां लड़कों के साथ कदम से कदम मिलाकर के चल रही हैं। हर क्षेत्र में लड़कियां अपना नाम स्थापित कर चुकी हैं,और अपनी अलग पहचान बना रही हैं। बेटियों के हित में देश की सरकार भी आए दिन कोई न कोई नई योजना बनाती रहती है। बेटियाँ भी खुद को हर क्षेत्र में साबित करने की पूरी कोशिश करती गेन ताकि उनके परिवार के लोग निराश न हों। लेकिन जहां एक ओर देश में बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की सोच सार्थक होते दिखती है,वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे परिवार भी हैं जो आज भी बेटी के जन्म पर अफसोस करते हैं दुख मनाते हैं।

बेटी पैदा हुई तो पति ने सुनाई पत्नी को मौत की सजा, बोला- हॉस्पिटल से घर आ जिंदा नहीं छोडूंगा

आज हम आपको मध्यप्रदेश की एक ऐसी ही घटना के बारे में बताने जा रहे हैं। यह घटना मध्यप्रदेश के सागर में स्थित भाग्योदय हॉस्पिटल से सामने आई है। यह एक महिला ने बेटी को जन्म दिया है।इस 23 वर्षीय महिला का नाम आशा आठ्या है। आशा ने बेटी को जन्म दिया है इस बात को लेकर उसके पति अरविंद आठ्या खुश नहीं हैं,यह बात उन्हें चुभ रही है। 24 फरवरी को अरविंद आठ्या हॉस्पिटल आये और बेटी को जन्म देने की बात पर गाली गलौज करने के बात अपनी पत्नी आशा के साथ मारपीट करने लगा। अरविंद आठ्या ने अपनी पत्नी को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

बेटी पैदा हुई तो पति ने सुनाई पत्नी को मौत की सजा, बोला- हॉस्पिटल से घर आ जिंदा नहीं छोडूंगा

पीड़ित आशा आठ्या ने बताया कि बेटी की जन्म की बात सुन कर उनके पति अरविंद हॉस्पिटल में आ कर उनके साथ मार पीट करने लगे। जब आशा की बहन उषा ने उन्हें रोकना चाहा तो अरविंद आठ्या ने उषा को भी मारा। यह सारा हंगामा देख कर हॉस्पिटल स्टाफ ने बीच बचाव किया और अरविंद को किसी तरह वहां से निकाला गया। लेकिन वहां से जाने से पहले अरविंद आशा को जान से मार डालने की धमकी देकर गए है। आशा ने बताया कि अरविंद कह कर गए हैं कि,” तू डिस्चार्ज होकर घर आ तुझे जिंदा नही छोड़ूंगा।”

बेटी पैदा हुई तो पति ने सुनाई पत्नी को मौत की सजा, बोला- हॉस्पिटल से घर आ जिंदा नहीं छोडूंगा

पीड़ित आशा आठ्या ने बताया कि वे रेलवे में एम्प्लॉय हैं।पति एवम घर का खर्च भी वहीं उठती हैं। लेकिन फिर भी उनका पति उनके साथ मार पीट करता है और उन्हें दहेज के लिए भी प्रताड़ित किया जाता है। आशा और अरविंद की शादी साल 2016 में हुई थी। आशा के गर्भावस्था के दौरान भी अरविंद ने उनकी कोई देखभाल नही की। लेकिन जब आशा ने अपनी बहन उषा को बुलाया तो अरविंद उससे भी गालियाँ देता था।

पुलिस ने हॉस्टिपल से सारी जानकारी ले ली है। और आशा के पति अरविंद के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने और घरेलू हिंसा का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आशा को आश्वस्त भी किया है कि उसके पति के खिलाफ उचित कार्रवाई किया जाएगा।

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