दिवाली पर महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अपनाएं ये वास्तु के उपाय, खोई किस्मत चमक उठेगी!

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देश में कार्तिक मास में मनाया जाने वाला दीपों का त्योहार दिवाली के त्यौहार के बड़े धुमधाम से मनाया जाता है। जिसमें हम महालक्ष्मी को प्रसन्न कर सारे साल के लिए अच्छे धन, वैभव और समृद्धि की कामना करते हैं। इसके लिए घर की साफ-सफाई करते हैं और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घरों को सजाते हैं। आइए जानते हैं ऐस्ट्रॉलजर और वास्तुविद् दीपा गुप्ता से कुछ ऐसे वास्तु उपाय जिससे हम महालक्ष्मी को प्रसन्न कर सकें और घर में सुख समृद्धि बढ़ा सकें।

दरवाजे पर बनाएं ये चिन्ह- वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार से ही महालक्ष्मी तथा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है, इसलिए दरवाजा टूटा फूटा या एक तरफ झुका हुआ ना हो इस बात का जरूर ख्याल रखें। दरवाजे को खोलने और बंद करने में आवाज होना भी नकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है। इसे जल्द से जल्द मरम्मत करा लें। दरवाजे को सुंदर ढंग से सजा कर रखना चाहिए। द्वार के दोनों तरफ रोली से स्वास्तिक और ओम का चिह्न बनाना घर में समृद्धि लाता है, नकारात्मक ऊर्जा को द्वार के बाहर ही रोक देता है। अगर आप किसी अन्य धर्म के हैं तो आप अपने धर्म के अनुरूप चिह्न भी द्वार पर लगा सकते हैं।

इस जगह रोशनी का प्रबंध करें- घर के बाहर रंगोली बनाएं तथा ताजे फूलों के तोरण से द्वार को सजाएं। जिसकी भीनी भीनी सुगंध से महालक्ष्मी प्रसन्न होंगी। मुख्य द्वार पर रोशनी का भी पूरा प्रबंध होना चाहिए।

इस तरह न लगाएं गणेशजी- बहुत से लोग दरवाजे के बाहर गणेशजी की प्रतिमा या फोटो लगा देते हैं जो उचित नहीं है। भगवान गणेश को द्वारपाल ना बनाएं। मां पार्वती ने भी जब उन्हें द्वारपाल बनाया था तो शिवजी के द्वारा अहित ही हुआ था।

इस रंग के बल्ब से दूर होगी बाधा- धन के सतत प्रवाह के लिए दक्षिण पूर्व दिशा बहुत महत्वपूर्ण है, अगर इस दिशा में पानी का स्रोत या फिर नीला कलर हो तो धन प्राप्ति में बाधाएं आती हैं। बाधाओं को दूर करने के लिए इस दिशा में लाल रंग की छटा वाले रंगों का प्रयोग किया जा सकता है। अगर पानी के स्रोत को हटाना संभव नहीं है तो जीरो वाट का लाल बल्ब लगा दें, जो हमेशा जलता रहे। इस दिशा में हरे पौधों को लगाने से भी लाभ होगा।

लक्ष्मी पूजन में इस तरह मुख रखें- लक्ष्मी गणेश की पूजा करते समय लक्ष्मीजी को हमेशा गणेशजी के दाएं हाथ की तरफ होना चाहिए। पूजा के लिए उत्तर और उत्तर-पूर्व की दिशाओं को शुभ माना गया है अतः कोशिश करें, जब आप पूजा करें तो उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ आपका मुख रहे। उत्तर दिशा में कुबेरजी का वास होता है। धन प्राप्ति के लिए कुबेर यंत्र को इस दिशा में लगा सकते हैं। घर में तिजोरी का मुख भी उत्तर दिशा की तरफ खुलता हुआ हो तो वह धन संचय में सहायक बनता है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करना और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करना लाभदायक रहता है।

ऐसी चीजों को घर से हटा दें- घर की साफ सफाई में प्रयोग होने वाली वस्तुएं जैसे झाड़ू-पोछा आदि को कभी भी उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में ना रखें। यह बहुत ही शुभ दिशाएं हैं इन स्थानों को पवित्र रखें। घर के कोने कोने की सफाई बहुत जरूरी है। घर से सभी टूटे-फूटे वा गैरजरूरी सामान को हटा देना चाहिए। बंद पड़ा हुआ इलेक्ट्रॉनिक्स भी घर में नकारात्मक ऊर्जा को खींचता है अतः इसे या तो रिपेयर कराएं या फिर उसे घर से हटा दें। सफाई करने से न केवल नकारात्मक ऊर्जा हटती है बल्कि घर भी व्यवस्थित होता है। विचारों में भी स्पष्टता आती है और महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य का होना जरूरी है।

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