इस दिवाली के दिन को आजमाएं ये उपाय, छपर फाड़ के आएगा धन!

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नई दिल्ली: दिवाली के पर्व माता लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन किया जाता है और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। कार्तिक मास की अमावस्य के दिन पड़ने वाले इस त्योहार के दिन घर को सजाया जाता है और चारों तरफ रोशनी की जाती है। शास्त्रों में दिवाली के दिन कुछ विशेष उपायों के बारे में बताया गया है। इन उपायों के करने से ऐशवर्य की प्राप्ति होती है और महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि लोगों को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है और किन लोगों के पास लक्ष्मी नहीं रहती। आइए जानतें इन उपायों के बारे में….

 

  • दिवाली के दिन झाड़ू खरीदना शुभ फल प्रदायक होता है। लाल रंग के मूठ वाले झाड़ू आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायक होते हैं, ऐसा मान्यताएं कहती हैं।
  • दिवाली की महानिशा में चांदी के पात्र में शहद, चमेली का इत्र और केसर रखें। जिसे अगली दीवाली पर बदल दें। धन लाभ होगा, ऐसा तंत्र के सूत्र कहते हैं।
  • धनिया धन को आकर्षित करने वाली वनस्पति है। भोजन में इसका प्रयोग मस्तिष्क में जाकर नए विचारों का सृजन करके धनार्जन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भगवती लक्ष्मी को दीपावली के दिन धनिया के बीज और गुड़ अर्पित करना शुभ माना जाता है।
  • धान का लावा आकर्षण करता है। महानिशा के पूजन में यक्षिणी लक्ष्मी को धान का लावा और बताशे का अर्पणलक्ष्मी आकर्षण की क्रिया मानी जाती है।
  • दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के बाद घर के सभी कमरों में घण्टी और शंख का गुंजन कष्ट, शोक, तनाव, नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता का नाश करता है, ऐसा मान्यताएं कहती हैं।
  • जो सदैव नकारात्मक विचारों का आदान प्रदान करता हो, जो महात्माओं और वरिष्ठजनों की इज्जत न करता हो, जो बार-बार थूकते हों, जो बात-बात में नाराज हो जाता हो, जो ऊंची आवाज में बात करता हो, जो बात बात में उग्र हो जाता हो, जो सदैव निंदा करता हो, जो दिन में यौन संबंध बनाता हो, जो स्वच्छ न रहता हो, जो गंदे वस्त्र धारण करता हो, जो अधीर हो उसके पास लक्ष्मी निवास नहीं करतीं।
  • महालक्ष्मी का उनको आशीर्वाद मिलता है, जो मृदुभाषी हों, असत्य न बोलता हों, जो किसी की निंदा न करता हो, जो शत्रुओं से भी मित्रवत आचरण करता हो, जो अतिथि, संतो, महात्माओं और बुजुर्गों का सम्मान होता हो, जो तीखे वचनों का प्रयोग न करता हो, जो सकारात्मक रहता हो, वहां लक्ष्मी अक्षय होकर विराजमान रहती हैं।

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