दिवाली पर सस्ता सोना खरीदने का आज आखिरी मौका, जानिए डिटेल्स

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नई दिल्ली. देश में दिवाली (Diwali) के समय सोना खरीदना शुभ माना जाता है। वही धनतेरस पर विभिन्न प्रकार के वस्तुओं की खरीददारी की जाती है। केन्द्र सरकार ने इस मौके पर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की सीरीज जारी की है। आप को बता दें कि इसमें निवेश का आज आखिरी दिन है। ‘सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना’ (Sovereign Gold Bond Scheme) की 8वीं सिरीज के लिए सब्सक्रिप्शान आज बंद हो रहा है। आइए जानते हैं कि कैसे खरीद सकते हैं आप सस्ता सोना।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond Scheme) की आठवीं सीरीज 9 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस गोल्ड बॉन्ड के लिए सोने की कीमत 5,177 रुपये प्रति ग्राम तय की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित बंद भाव के साधारण औसत के हिसाब से बॉन्ड की नॉमिनल वैल्यू 5,177 रुपये प्रति ग्राम तय की गई है। देश में इस साल सोने की कीमत में 33 फीसदी इजाफा हुआ है।

इस तरह मिल रही 50 रुपये की छूट
सरकार ने इस बॉन्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने वालों और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वालों को प्रति ग्राम के हिसाब से 50 रुपये की छूट देने का निर्णय किया है। ऐसे निवेशकों को आवेदन के साथ भुगतान भी डिजिटल तरीके से ही करना होगा। इससे पहले गोल्ड बॉन्ड की सातवीं सीरीज में सोने की कीमत 5,051 प्रति ग्राम पर रही थी। भारत सरकार की ओर से आरबीआई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करता है। इस स्कीम के तहत आप कम-से-कम एक ग्राम सोना खरीद सकते हैं।

 

इस स्कीम के तहत एक वित्त वर्ष में कोई भी व्यक्ति अधिकतम चार किलोग्राम तक का गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं, ट्रस्ट के लिए यह सीमा 20 किलोग्राम की है। आप बैंक (स्मॉल फाइनेंस बैंक एवं पेमेंट बैंक को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, निर्धारित पोस्ट ऑफिस एवं मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज से गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते हैं। सरकार ने फिजिकल गोल्ड की मांग में कमी लाने के लक्ष्य के साथ नवंबर, 2015 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की शुरुआत की थी।

अलॉटमेंट पर मिलता है गोल्‍ड बॉन्‍ड सर्टिफिकेट

यह फिजिकल गोल्ड नहीं है। अलॉटमेंट पर निवेशक को गोल्‍ड बॉन्‍ड सर्टिफिकेट दिया जाता है। रिडीम करते समय निवेशक को सोने का मूल्‍य प्राप्‍त होता है। इसका रेट पिछले तीन दिनों के औसत क्‍लोजिंग प्राइस पर तय होता है। बॉन्‍ड की अवधि में पहले से तय दर से निवेशक को ब्‍याज का भुगतान किया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश को लेकर टैक्स संबंधी नियम की बात करें तो इंट्रेस्ट की कमाई टैक्सेबल होती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड टैक्स के लिहाज से खासकर एचएनआई के लिए बहुत अच्छा है, क्योंकि इसे मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गैन टैक्स नहीं देना पड़ता है।

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