इस दिवाली पर 499 साल बाद बन रहा है दुलर्भ संयोग, जरुर जानें आप पर क्या होगा इसका असर!

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Diwali 2020: आज 14 नबंवर यानि शनिवार को दिवाली है। इस 5 दिवसीय दीपोत्सव इस साल 4 दिन का है। छोटी दिवाली और दिवाली एक ही दिन मनाई जा रही है। धनतेरस भी दिवाली के 1 दिन पहले 13 नवंबर को था। 15 नवंबर को राम-राम और 16 नवंबर की भैया दूज मनाई जाएगी। इस दिवाली ग्रहों का बड़ा खेल देखने को मिलेगा। दिवाली पर गुरु ग्रह अपने स्वराशि धनु और शनि अपने स्वराशि मकर में रहेगा, जबकि शुक्र ग्रह कन्या राशि में रहेगा। ऐसा बताया जा रहा है कि दिवाली पर तीन ग्रहों का यह दुलर्भ संयोग 2020 से पहले 1521 में बना था। ऐसे में यह संयोग 499 साल बाद बन रहा है।

 

ज्योतिष बताते है कि इस दीपावली का त्योहार पंच महोत्सव होता है, लेकिन इस बार पांच दिन का न होते हुए चार दिन का महोत्सव होगा। 13 नवंबर को धनतेरस से दीप पर्व का शुभारंभ है, जो 16 नवंबर को भाई दूज के दिन संपन्न होगा। धार्मिक मान्यता है कि जिस दिन सूर्यास्त के बाद एक घड़ी अधिक तक अमावस्या तिथि रहे, उस दिन दिवाली मनाई जाती है। कार्तिक अमावस्या के दिन माता लक्ष्मी धरती पर आती हैं। अमावस्या की रात्रि में ही माता धरती पर विचरण करती हैं। इसी वजह से यह त्योहार अमावस्या की रात को मनाना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

जानिए आप पर क्या होगा इसका असर
इस बार अमावस्या तिथि 14 नवंबर दोपहर 2:17 बजे से शुरू होगी और दूसरे दिन 15 नवंबर को सुबह 10:36 बजे तक रहेगी। यही वजह है कि माता लक्ष्मी का पूजन 14 नवंबर शनिवार को होगा। धार्मिक मान्यता है कि जिस दिन सूर्यास्त के बाद एक घड़ी अधिक तक अमावस्या तिथि रहे उस दिन दिवाली होती है।

नवरात्रि स्थापना शनिवार को था और दिवाली भी शनिवार को है। यह एक बड़ा ही मंगलकारी योग है कि शनि स्वाग्रही मकर राशि पर है। यह योग व्यापार के लिए लाभकारी एवं जनता के लिए शुभ फलदाई रहेगा। कई वर्षों बाद यह दुर्लभ संयोग बन रहा है। तंत्र पूजा के लिए दीपावली पर्व को विशेष माना जाता है। इस वर्ष 14 नवंबर दिन शनिवार को दिवाली है। सन 1521 के करीब 499 साल बाद ग्रहों का दुर्लभ योग देखने को मिलेगा।

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