कलेक्टर का फरमान: बिना मास्क पहने निकले, तो होगी 10 घंटे की जेल

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मध्य प्रदेश: दिल्ली व अन्य प्रदेशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उज्जैन जिला प्रशासन भी सर्तक हो गया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उज्जैन प्रशासन गुरुवार से सख्ती शुरू करने वाला है। उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिए हैं कि मास्क नहीं लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर आशीष सिंह ने कोविड 19 बीमारी को गंभीरता से नहीं लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। बुधवार को अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अब तक सबसे कारगर उपाय मास्क ही है।

उन्होंने एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल से कहा कि 19 नवंबर से मास्क लगाकर नहीं चलने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। कलेक्टर ने बिना मास्क घूमने वालों को खुली जेल में 10 घंटे की सजा देने और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा भी उज्जैन प्रशासन द्वारा संक्रमण रोकथाम के लिए अन्य कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में कलेक्टर- एसपी ने इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने बुधवार बृहस्पति भवन में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकरणों को लेकर समीक्षा की और कई निर्देश दिए हैं।

साथ ही उज्जैन शहर के सभी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 19 नवंबर से कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क नहीं पहनने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि जो लोग होम आइसोलशन में हैं और वे सड़क पर घूमते मिले, तो उनके विरुद्ध महामारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महावीर खंडेलवाल को निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों की उनके घर टीम भेजकर जांच कराई जाए। कोविड अस्पतालों में मरीजों को परेशानी न हो। कलेक्टर ने कहा है कि बीच-बीच में जाकर यह देखा जाए कि कोरोना पॉजिटिव मरीज अपने घर से बाहर तो नहीं घूम रहा है।

ऐसी स्थिति पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध महामारी एक्ट में प्रकरण दर्ज करते हुए जुर्माना वसूला जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 2 माह चुनौतीपूर्ण है और इस समय सभी काम छोड़कर कानून व्यवस्था एवं कोरोना वायरस महामारी के प्रबंधन में लगने की आवश्यकता है।

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