बड़ा वरदानी है ये मंदिर, मिट्टी, हवा और पानी से होता है गंभीर रोगों का इलाज, विदेश से भी आते हैं यहां मरीज

0
16

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का इतिहास काफी पुराना है। गोरखपुर में कई ऐसी जगह है हैं, जिनके किस्से से बेहद दिलचस्प है। इसी कड़ी में गोरखपुर शहर में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां लोगों की बीमारियों का इलाज प्राकृतिक चीजों से किया जाता है। उनके इलाज के लिए मिट्टी, हवा, पानी और धूप जैसी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इनके जरिए उनके बड़े से बड़े रोगों को जड़ से खत्म कर दिया जाता है।

यह बात सुनकर आप थोड़े से जरूर चौक जाएंगे, लेकिन यह अफवाह नहीं बल्कि असलियत है। इस मंदिर का नाम है आरोग्य मंदिर…यहां देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग इलाज कराने आते हैं।

interesting-up-story-natural-hospital-arogya-mandir-in-gorakhpur
Social Media

दुनियाभर में हैं प्रसिद्ध

दुनिया भर में बड़े स्तर पर प्रसिद्धि हासिल कर चुके आरोग्य मंदिर में अब तक लाखों मरीजों का इलाज हो चुका है। लाखों मरीज यहां से प्राकृतिक चिकित्सा के जरिए स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। यहां देश ही नहीं बल्कि दुनिया के हर कोने से लोग अपना इलाज कराने आते हैं। खास बात यह है कि यहां किसी भी मरीज को कोई दवाई नहीं दी जाती है। बल्कि उनका इलाज प्राकृतिक चीजें मिट्टी, हवा, पानी और धूप इन्हीं के जरिए किया जाता है।

interesting-up-story-natural-hospital-arogya-mandir-in-gorakhpur
Social Media

1940 में हुई थी स्थापना

बात आरोग्य मंदिर की स्थापना की करें तो आरोग्य मंदिर के संस्थापक विट्ठल दास मोदी स्नातक की परीक्षा के दौरान गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। 3 साल तक उन्होंने इस महामारी से निजात पाने के लिए एलोपैथिक दवा का सहारा लिया, लेकिन किसी भी तरह का कोई आराम नहीं मिला। ऐसे में अंत में प्राकृतिक चिकित्सा से ही ठीक हुए। उसी समय उन्होंने प्रकृति के इस वरदान को घर-घर पहुंचाने का फैसला किया।

interesting-up-story-natural-hospital-arogya-mandir-in-gorakhpur
Social Media

अपने इसी संकल्प के तहत उन्होंने साल 1940 में सबसे पहले यहां किराए पर मकान लिया और वहां पर आरोग्य मंदिर की स्थापना की। इसके बाद साल 1962 में आरोग्य मंदिर का अपना भवन बना और तभी से यह प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र आम बाजार मेडिकल कॉलेज रोड पर अपने भवन में चलाया जाता है। यहां से अब तक लाखों लोग स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं।

interesting-up-story-natural-hospital-arogya-mandir-in-gorakhpur
Social Media

कुल 6 एकड़ में फैला है मंदिर

यह मंदिर स्कूल 6 एकड़ में फैला हुआ है। प्राकृतिक वातावरण से भरपूर यह आरोग्य मंदिर केंद्र में अब तक प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित करीबन 26 पुस्तकों का प्रकाशन भी हो चुका है। साल 1947 में यहां से मासिक पत्रिका आरोग्य का भी प्रकाशन शुरू किया गया था, जो अब तक जारी है। मौजूदा समय में इस पत्रिका की हर माह मे कुल 10,000 प्रतियां प्रकाशित होती है।

interesting-up-story-natural-hospital-arogya-mandir-in-gorakhpur
Social Media

हर प्रकार की बीमारी का होता है इलाज

आरोग्य मंदिर में हर प्रकार की बीमारी का इलाज प्रकृति के जरिए ही किया जाता है। मरीज चाहे दमा, कब्जियत, कोलाइटिस, अल्सर, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, एग्जिमा, अर्थराइटिस, मोटापा और एलर्जी आदि किसी प्रकार की भी बीमारी से ग्रसित हो। उसे प्राकृतिक तौर पर ही इलाज दिया जाता है।

interesting-up-story-natural-hospital-arogya-mandir-in-gorakhpur
Social Media

बता दे आरोग्य मंदिर में 18 नवंबर 2019 को 508 लोगों ने एक साथ मिट्टी लेपन करके एशियन रिकॉर्ड बनाया था। इससे पहले यह रिकॉर्ड दिल्ली के नाम था, जिसे 508 लोगों ने एक साथ मिट्टी लेपन के बाद अपने नाम कर लिया। इस दौरान इन लोगों ने सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक चले इस लेपन कार्य में त्वचा संबंधी रोगों से बचाव की जानकारी साझा की थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here