बड़ी खबर: कोरोना के चलते दिल्ली के दो मार्केट 30 नवंबर तक सील, जानें पूरा मामला

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कोरोना महामारी के चलते भीड़ बढ़ने पर दिल्ली के नांंगलोई के पंजाबी बस्ती बाजार और जनता मार्केट को सील कर दिया गया है. बाज़ार में भीड़ बहुत ज़्यादा हो गई थी. सोशल डिस्टेंसिग का पालन नहीं किया जा रहा था. कुछ लोग मास्क भी नहीं लगाए थे. 30 नवंबर तक के लिए इनको सील किया गया है. जिला प्रशासन एमसीडी और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर यह कार्यवाई की है. प्रशासन का कहना है कि आज बाज़ार में बहुत ज़्यादा भीड़ हो गई थी.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम दिल्ली में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने रविवार को एक आदेश जारी कर पंजाबी बस्ती बाजार और जनता मार्केट को 30 नवंबर तक बंद करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से बार-बार निर्देशों तथा चेतावनियों के बावजूद रेहड़ी-पटरी वाले दोनों बाजारों में विक्रेताओं और खरीदारों द्वारा मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिग बनाकर रखने और कोविड-19 से सुरक्षा के अन्य उपायों के बारे में सरकार द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन किया जा रहा था. शाम के समय लगने वाले इन बाजारों में करीब 200 दुकानदार रोजमर्रा के उपयोगी अनेक सामान की दुकानें लगाते हैं.

सीएम केजरीवाल ने कहा था, हम बाज़ार बंद नहीं करना चाहते

 

सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) ने कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार नहीं चाहती कि कोई बाजार बंद हो. उन्होंने बाजार संघों के प्रतिनिधियों से कहा है कि वे उन लोगों को मुफ्त में मास्क (Mask) मुहैया कराएं, जो इन्हें नहीं पहन रहे हैं. मुख्यमंत्री ने बाजार संघों के प्रतिनिधियों के साथ डिजिटल माध्यम से हुई बैठक के दौरान शहर में कोविड-19 (COVID-19) मामलों में कमी लाने के लिये भी उनका सहयोग मांगा.

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘बाजार संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. मैंने उनकी चिंताओं को दूर किया, सरकार कोई बाजार बंद नहीं करना चाहती. उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कोई बाजार में मास्क नहीं पहन रहा है तो बाजार संघ उन्हें मुफ्त में मास्क मुहैया कराएंगे. सभी दुकानों को भी मास्क और हैंड सैनिटाइजर रखने के लिये कहा जाएगा.’

दिल्ली में हर बीतते दिन के साथ कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. कोविड-19 की तीसरी लहर का सामना कर रही दिल्ली में इससे मृत्यु दर 1.58 प्रतिशत है जबकि देश में यह दर 1.48 प्रतिशत है. विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से मौत के अधिक मामलों के लिए इलाज के वास्ते शहर में बड़ी संख्या में आने वाले ‘गंभीर’ गैर-निवासी मरीजों, प्रतिकूल मौसम, प्रदूषण आदि को जिम्मेदार ठहराया है. नवंबर के महीने में अभी तक दिल्ली में इस महामारी से 1,759 लोगों की मौत हो चुकी है. बीते 21 दिन में कोरोना वायरस से औसत मृत्यु दर लगभग 83 मौत प्रतिदिन है. पिछले 10 दिन में मौत का आंकड़ा चार बार 100 से अधिक पहुंचा है.

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को 111 मरीजों, शुक्रवार को 118, बुधवार को 131 और 12 नवंबर को 104 लोगों की मौत हुई है. सरकारी आंकड़े के अनुसार दिल्ली में औसत मृत्युदर 1.58 प्रतिशत है जोकि राष्ट्रीय मृत्युदर 1.48 प्रतिशत की तुलना में अधिक है.

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