देश का पेट भरने वाला किसान जब विरोध करने उतरा, तो देखे उसे कैसे ट्रीट किया गया, निर्मम…निंदनीय!

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कृषि कानून के विरोध में देश की राजधानी दिल्ली में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। ऐसे में दिल्ली पुलिस भी किसानों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। दिल्ली की सभी सीमाओं पर किसानों को रोकने के लिए पहले से नाकाबंदी कर दी गई है। वही हर जगह चल रहे इस प्रदर्शन पर नाकेबंदी और पुलिस की सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई।

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साथ ही जगह-जगह किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन, बैरिकेड, डिवाइडर और आंसू गैस के गोले भी छोड़े जा रहे हैं। इन सब के बावजूद भी किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग नजर आ रहे हैं। इस दौरान किसान दिल्ली में अपने विरोध प्रदर्शन को लेकर करीबन एक महीने का राशन पानी लेकर चले हैं।

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यह बात सभी जानते हैं कि भारत को जवान और किसान का देश कहा जाता है। ऐसे में किसानों की यह दशा देश के लिए काफी निंदनीय सवाल खड़े करती है। देश में किसानों की यह हालत सवाल खड़े करती है कि आखिर किन कारणों के चलते देश का पेट भरने वाले किसान इस तरह विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर है। देश के अलग-अलग राज्यों से कई किसान दिल्ली किसान बिल के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे हैं।

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गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा लाये गए नए कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे इन किसानों का स्वागत दिल्ली पुलिस ने बड़ी निर्ममता के साथ किया है। इस दौरान दिल्ली पुलिस बॉर्डर पर नाकेबंदी, वाटर कैनन, आंसू गैस के गोलों के साथ खड़ी नजर आई। दिल्ली पुलिस ने किसानों को राजधानी दिल्ली में नहीं घुसने दिया। इस दौरान पुलिस वालों कोरोना महामारी का हवाला देते हुए लोगों के जमा होने पर एतराज जताती नजर आई।

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वहीं दूसरी ओर किसानों के इस विरोध प्रदर्शन ‘दिल्ली चलो’ पर भारतीय किसान यूनियन के प्रेसिडेंट बूटा सिंह बुर्जगिल ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि दिल्ली चलो प्रोटेस्ट के लिए हम तैयार हैं। हम दिल्ली जाने के लिए पूरी तरह से तैयार है और केंद्र सरकार को उनके नए कृषि कानून को वापस लेने की बात हम कह कर रहेंगे। यह काला कानून है और किसी भी लिहाज में यह किसानों के हित में नहीं है।

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