धनतेरस से पहले करीब 400 रुपये महंगा हुआ सोना, जानिए नया रेट

0
4

Today gold and silver latest prices. देश में त्योहार सीजन चल रहा है। वही कोरोना संकट में सोने  और चांदी (gold and silver) के भाव में तेजी से उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। एक दिन की गिरावट के बाद सोना (Gold) आज फिर तेजी के साथ खुला। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 50820 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 411 रुपये की तेजी के साथ 51231 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही इसने 51187 रुपये का न्यूनतम स्तर और 51247 रुपये का उच्चतम स्तर छू लिया। पहुंचा। सुबह साढ़े नौ बजे यह 367 रुपये की तेजी के साथ 51187 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। फरवरी डिलीवरी वाला सोना भी 413 रुपये की तेजी के साथ 51390 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

सर्राफा सोने में 111 रुपये की तेजी

रुपये के मूल्य में भारी गिरावट के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 111 रुपये की तेजी के साथ 50,743 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी है। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 50,632 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव परिणाम आने के पहले डॉलर के मजबूत होने के साथ बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये 35 पैसे की गिरावट के साथ 74.76 पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,895 डॉलर प्रति औंस रह गया।

कमजोर मांग से सोना वायदा कीमतों में गिरावट

कमजोर हाजिर मांग के कारण कारोबारियों ने अपने जमा सौदों की कटान की जिससे वायदा बाजार में बुधवार को सोने का भाव 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 51,210 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर माह में डिलीवरी वाले सोना अनुबंध की कीमत 388 रुपये यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 51,210 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इस अनुबंध में 12,755 लॉट के लिए कारोबार किया गया। न्यूयार्क में सोना 1.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,890.30 डालर प्रति औंस रह गया।

भारत में सोने की उपभोक्ता मांग चालू कैलेंडर साल की तीसरी तिमाही में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 35.8 प्रतिशत बढ़कर 86.6 टन पर पहुंच गई है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें सोने के आभूषण, छड़ और सिक्के शामिल हैं। हालांकि, सालाना आधार पर सोने की उपभोक्ता मांग अभी काफी पीछे है। लेकिन इस बार तीसरी तिमाही की मांग पिछले साल इसी अवधि स 30.1 प्रतिशत कम रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here