वास्तु शास्‍त्र के करें ये उपाय, दूर कर देते हैं सारी द‍िक्‍कतें, होता है लाभ

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आज के समय में हर कोई सफल होना चाहता है। जिसके लिए लोग कई प्रकार के उपाय करते है। आप को बता दें वास्तुशास्‍त्र एक ऐसा शास्‍त्र है जो घर-पर‍िवार की सुख-समृद्धि के ल‍िए प्रकृति की ऊर्जा, संसाधन और परिवार की ऊर्जा के सही व संतुलित उपयोग के गुण सिखाता है। इसमें कई ऐसे उपाय बताए गये हैं जो जीवन की सारी द‍िक्‍कतें पल भर में ही दूर कर देते हैं। इन उपायों के ल‍िए आपको न ही क‍िसी वस्‍तु की खरीदारी करनी है और न ही बेवजह परेशान होना है। बस अपने आस-पास की चीजों में थोड़ी फेरबदल करने की जरूरत है। तो आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में….

वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार दोपहर या रात में जब भी सोने के ल‍िए जाएं तो अपने ध्‍यान रखें क‍ि आपके ब‍िस्‍तर की द‍िशा केवल दक्षिण-पश्चिम ही होनी चाह‍िए। साथ ही आपका स‍िर दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। इससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह सही ढंग से होता है। इसके साथ ही अपने इष्‍टदेव की प्रत‍िमा या च‍ित्र के सामने न‍ियम‍ित रूप से दीपक जलाएं। गलती से भी उनके आस-पास दवाई न रखें। पूजा करते समय भी मुख उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम की ही तरफ होना चाहिए। ऐसा करने से लाइफ की सारी टेंशन दूर हो जाती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

वास्‍तुशास्त्र के अनुसार घर की छत पर कभी भी खाली मटके, पुराने गमले, खराब कूलर, पंखे या रद्दी का सामान नहीं रखना चाह‍िए। खासतौर से उस कमरे की छत पर ये चीजें नहीं होनी चाहिए, जहां आप रात को शयन करते हैं। इसके अलावा रात को सोते समय अपने सिर के पास लाल रुमाल जरूर रखें। ऐसा करने से बुरे सपने नहीं आते। इसके अलावा घर में कभी भी एकदम अंधेरा नहीं रखना चाह‍िए। घर में कहीं न कहीं रोशनी जरूर रखनी चाह‍िए। ऐसा करने से बुरे सपने नहीं आते हैं और मानस‍िक तनाव से भी राहत म‍िलती है।

वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार अगर घर के दक्षिण-पश्चिम में अधिक दरवाजे या खिड़कियां हों तो चोरी, अग्नि और रोग पर अधिक व्यय होता है। इसल‍िए अगर अगर संभव हो तो इन्हें बंद करवा दें। लेक‍िन अगर ऐसा न कर सकें तो प्रत्‍येक गुरुवार को न‍ियम‍ित रूप से गुड़, चने की दाल और घी चुपड़ी रोटी गाय को श्रद्धापूर्वक खिलाएं। मान्‍यता है क‍ि ऐसा करने से गाय माता की कृपा से भी घर में लक्ष्मी का आगमन होता है। साथ ही पर‍िवार के सदस्‍यों के जीवन में सुख-शांत‍ि का वास होता है।

वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार के सामने भूलकर भी कंटीला पौधा या फूल नहीं लगाना चाह‍िए। इसके अलावा घर के सामने गंदा पानी भी इकट्ठा नहीं होना चाहिए। इससे घर में रहने वाले लोगों के जीवन में कष्‍ट ही कष्‍ट आता है। साथ ही घर में रहने वाले लोगों को कोई न कोई व्‍याधि लगी ही रहती है। इससे राहत पाने के ल‍िए मुख्य द्वार पर कोई शुभ प्रतीक चिह्न, ऊं, गणपति, शुभ-लाभ या जिस देवी-देवता में आप श्रद्धा रखते हैं, लिखवाना चाह‍िए। ऐसा करने से जीवन में आने वाली सारी परेशान‍ियां दूर हो जाती हैं।

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