आदतें : जिन लोगों की पत्नियों के अंदर होती हैं ऐसी आदतें वह कभी सुख शांति और पैसों की प्राप्ति नहीं कर सकते

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दोस्तों हमारे धर्म में वास्तु का इतना महत्व है की जो व्यक्ति इनका पालन करे तो व्यक्ति कही से कही पहुँच जाये.इसी तरह दोस्तों हमरे घर की तरक्की की चाबी हमरी घर की लक्ष्मी यानि पत्नी के हाथो में होती है दोस्तों लक्ष्मी हिन्दू धर्म की एक प्रमुख देवी हैं। वह भगवान विष्णु की पत्नी हैं। पार्वती और सरस्वती के साथ, वह त्रिदेवियाँ में से एक है और धन, सम्पदा, शान्ति और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। दीपावली के त्योहार में उनकी गणेश सहित पूजा की जाती है। जिनका उल्लेख सबसे पहले ऋग्वेद के श्री सूक्त में मिलता है। हर व्यक्ति की सुख समृद्धि काफी हद तक ऐसी स्त्री पर निर्भर करती है, जो घर के सारे काम करें। और सभी का ख्याल रखें, लेकिन कुछ ऐसे काम है जो महिलाओं को नहीं करनी चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से मां लक्ष्मी कभी नहीं आती है, प्राचीनकाल से ही घर में बहू बेटियों को लक्ष्मी का रूप माना गया है। ऐसी मान्यता है, कि अगर कोई स्त्री किसी भी घर को स्वर्ग बना सकती है, और किसी भी घर को चाहे तो नर्क बना सकती है। आज हम आपको स्त्री के कुछ ऐसे आदतों के बारे में बताएंगे, जिससे घर में दरिद्रता आती है। और वही कुछ आदतें ऐसे भी होती है, जो घर में सुख समृद्धि लाती है तो आइए जानते हैं।

* कभी भी ब्रह्ममुहूर्त या संध्याकाल को झाड़ू नहीं लगाना चाहिए।

* झाड़ू को ऐसी जगह रखें, जहां किसी अतिथि की नजर न पहुंचे।

* झाड़ू को पलंग के नीचे न रखें।

* घर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाकर रखें।

* घर के चारों कोने साफ हों, खासकर ईशान, उत्तर और वायव्य कोण को हमेशा खाली और साफ रखें।

* वॉशरूम को गीला रखना आर्थिक स्थिति के लिए बेहतर नहीं होता है। प्रयोग करने के बाद उसे कपड़े से सुखाने का प्रयास करना चाहिए।

* दक्षिण और पश्चिम दिशा खाली या हल्का रखना करियर में स्थिरता के लिए शुभ नहीं है इसलिए इस दिशा को खाली न रखें।

* घर में काले, कत्थई, मटमैले, जामुनी और बैंगनी रंग का इस्तेमाल न करें चाहे चादर, पर्दे या हो दीवारों का रंग।

* घर में सीढ़ियों को पूर्व से पश्चिम या उत्तर से दक्षिण की ओर ही बनवाएं। कभी भी उत्तर-पूर्व में सीढ़ियां न बनवाएं।

* घर में फर्श, दीवार या छत पर दरार न पड़ने दें। अगर ऐसा हो तो उन्हें तुरंत भरवा दें। घर में दरारों का होना अशुभ माना जाता है।

द्वार-देहरी पूजा : घर की वस्तुओं को वास्तु के अनुसार रखकर प्रतिदिन घर को साफ और स्वच्छ कर प्रतिदिन देहरी पूजा करें। घर के बाहर देली (देहली या डेल) के आसपास स्वस्तिक बनाएं और कुमकुम-हल्दी डालकर उसकी दीपक से आरती उतारें। इसी के साथ ही प्रतिदिन सुबह और शाम को कर्पूर भी जलाएं और घर के वातावरण को सुगंधित बनाएं। जो नित्य देहरी की पूजा करते हैं, देहरी के आसपास घी के दीपक लगाते हैं, उनके घर में स्थायी लक्ष्मी निवास करती है। घर के बाहर शुद्ध केसर से स्वस्तिक का निर्माण करके उस पर पीले पुष्प और अक्षत चढ़ाएं। घर में लक्ष्मी का आगमन होगा।

पोंछा लगाना : सप्ताह में एक बार (गुरुवार को छोड़कर) समुद्री नमक से पोंछा लगाने से घर में शांति रहती है। घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होकर घर में झगड़े भी नहीं होते हैं तथा लक्ष्मी का वास स्थायी रहता है।

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